यूडली फिल्म्स की ‘अहुने’ को आलोचकों और दर्शकों ने समान रूप से पसंद किया है. मुंबई फिल्म फेस्टिवल (MAMI) में दिखाए जाने के बाद एक्सोन अब ऑस्टिन में स्क्रीनिंग के लिए तैयार है. अपनी सरल स्टोरीलीइन की वजह से एक्जोन पहले ही सुर्खियों में बनी हुई है, जो हल्के-फुल्के अंदाज में कड़वी बात कहती है. यह फिल्म कुछ दोस्तों की कहानी है जो एक्जोन (अहुने) के नाम से जाने जाने वाले एक विशुद्ध उत्तर-पूर्वी स्वादिष्ट भोजन तैयार करने का फैसला करते हैं. हालाँकि इसको तैयार करने के दौरान वे यह भूल जाते हैं कि पकवान से तीक्ष्ण गंध आती है, जो पड़ोस के उनके दोस्तों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है.


ऑस्टिन में ‘एक्जोन’ की स्क्रीनिंग का श्रेय एनजीओ ‘इंडे मेमे’ को जाता है. इस एनजीओ का मकसद दर्शकों को प्रभावित करने वाली व सांस्कृतिक, सामाजिक परिवर्तन लाने वाली फिल्मों को उनके सामने लाना है. फिल्म को बीएफआई लंदन फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया और इसके शो हाउसफुल रहे. एक्जोन में सयानी गुप्ता, लिन लाइश्राम, विनय पाठक, डॉली अहलूवालिया और तेनजिन दल्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं.

वीपी टेलिविज़न एंड फिल्म्स सारेगामा इंडिया और यूडली फिल्म्स के हेड, सिद्धार्थ आनंद कुमार ने कहा, “एक्जोन जैसी फिल्म बना पाना खुशकिस्मती की बात है जो नस्लवाद के मुद्दे को हल्के-फुल्के(मजाकिया) अंदाज में उजागर करती है. अपनी समस्याओं पर हंसना उनको स्वीकार करने और अंततः उनको हल करने का एक तरीका है. यूडली में हम ऐसी फिल्में बनाने का प्रयास करते हैं जो दर्शकों के दिमाग पर गहरा असर छोड़ें. ”

 ‘अहुने’ यूडली की लगातार तीन वर्षों में तीसरी फिल्म है जिसे मामी के लिए चुना गया है. पिछली दो फिल्में अज्जी (2017) और हामिद (2018) रही हैं. हामिद ने दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते हैं. अहम और सामाजिक रूप से प्रासंगिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यूडली फिल्म्स ने अलग हटकर और दमदार कंटेंट वाली फिल्मों के जरिए अपनी छाप छोड़ी है. केडी, नोबेलमेन और हबड्डी इनकी कुछ अन्य फिल्में हैं.