अगस्त 2020 से पहले जब शानदार उद्घाटन के साथ ही मेलबर्न में आयोजित होने वाला भारतीय फिल्म महोत्सव, अपने ग्यारहवें वर्ष में प्रवेश करेगा. टीम ने मेलबर्न में होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम से पहले मुंबई में प्रस्तावना कार्यक्रम का आयोजन किया. विश्व में सबसे बड़े फिल्म महोत्सवों में शुमार मल्टी अवार्ड विनिंग और बहुप्रशंसित फिल्म फेस्टिवल में साल दर साल बॉलीवुड के सर्वोत्तम दिग्गजों की उपस्थित देखने को मिल रही है. पिछले साल समारोह में अन्य दिग्गजों के साथ ही शाहरुख खान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

चूंकि यह आयोजन का शानदार 10वां वर्ष है, ऐसे में महोत्सव के निदेशक मितु भौमिक लांगे 2020 के इस महोत्सव को भव्य बनाने के लिए जोर शोर से तैयारी कर रहे हैं. ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के सहयोग से फिल्म महोत्सव का समापन भी शाहरुख खान ला ट्रोब यूनिवर्सिटी पीएचडी छात्रवृत्ति की लॉन्चिंग साथ हुई. पिछले साल ही महोत्सव में इसकी घोषणा की गई थी. इस बार यह छात्रवृत्ति पशु विज्ञान, पारिस्थितिकी और आणविक अध्ययन के जरिए कृषि के तरीकों पर काम कर रही, त्रिशूर (केरल) की महिला शोधकर्ता गोपिका कोट्टनतराइल भासी को प्रदान की गई. इस सम्मान के लिए करीब 800 भारतीय महिलाओं में से उनका चयन किया गया था. चार वर्षों के लिए यह छात्रवृत्ति उन्हें 26 फरवरी को मुंबई में आयोजित एक समारोह में प्रदान की गई.


जारी एक बयान में मीतू ने कहा, यह एक जबरदस्त सफर है, जो  पिछले 10 वर्षों से लगातार मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि शाहरुख खान का एक युवा शोधकर्ता के सपने को पूरा करने में मदद करना, हमारी सामाजिक जिम्मेदारियों को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है. आईएफएफएम की ओर से मैं और मेरे साथी गोपिका को शुभकामनाएं देते हैं. हमें उम्मीद है कि हम सिनेमा और समाज के प्रति अपने कार्यों को स्पष्ट रूप से जारी रखेंगे.


अपने बयान में शाहरुख खान ने कहा, "मैं गोपिका के समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना करता हूं. यह छात्रवृत्ति उन्हें मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में ला ट्रोब तक के सफर में सक्षम बनाएगी, जहां वह भारत के कृषि क्षेत्र को बेहतर बनाने में मदद करने के अपने सपनों को पूरा करेंगी. मैं उनकी बेहतरी की कामना करता हूं."