बंगाली फिल्मों के मशहूर अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद तापस पाल का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह अपनी बेटी से मिलने मुंबई गए हुए थे. जब वह कोलकाता वापसी के लिए रवाना हो रहे थे तब एयरपोर्ट पर उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ. उन्हें जुहू के अस्पताल ले जाया गया लेकिन सुबह करीब 4 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्हें दिल से जुड़ी हुई समस्या पहले से थी और वह पिछले दो साल में कई बार इस सिलिसिले में अस्पताल जा चुके थे. बंगाली एक्टर रंजीत मैलिक ने पाल के निधन पर कहा ''मुझे अभी इस बारे में पता चला है. हां, उनकी तबीयत पिछले कुछ वक्त से ठीक नहीं रहा करती थी.''

पश्चिम बंगाल के चंद्रनगर में जन्मे तापस ने ग्रेजुएशन बायो साइंस में हूगली मोहसिन कॉलेज से किया था. 1980 में उन्होंने तरुण मजुमदार की बंगाली फिल्म दादर कीर्ति से डेब्यू किया था. फिल्म में उनके साथ मधु रॉय चौधरी, देबर्शी रॉय और संध्या रॉय थीं. बंगाली सिनेमा में चार साल काम करने के बाद तापस ने अपनी पहली हिंदी फिल्म की जिसका नाम अबोध था.